ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - अपनी नेकी को छुपाना  R सोच का इम्तिहान है। 1111111 के गुनाह को छुपाना तुम्हारे दुसरो किरदार का इम्तिहान है। 41111! अपनी नेकी को छुपाना  R सोच का इम्तिहान है। 1111111 के गुनाह को छुपाना तुम्हारे दुसरो किरदार का इम्तिहान है। 41111! - ShareChat