ShareChat
click to see wallet page
search
#feelings (dil ki baate) #दिल कि बातें ... दिल कि कलम से #अल्फ़ाज़ दिल के #✍️ साहित्य एवं शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️
feelings (dil ki baate) - सुगंध वक्त जादूगर हे॰॰ मैने उसकी जादूगरी को देखा हे। वो बच्चे जिन्हे र्मौं बाप ने कल लोरी थी, सुनायी उर्न्ही बच्चों को आज उनपर गरजते देखा हे। थेजो कल किसी के हमसफ़र आज उर्न्ही को किसी ओर के साथ सफ़र करते देखा हे। ओर ग़र्मों को भी अपने ठिकार्नों की अदला बदली करते देखा हे खुशीर्यों 6াঁ! সন নিযী ক্ী पता बदलते देखा हे। अपना সপনী ক্কী पराया ओर परार्यों को अपना कर जाने वाले वक़्त के इस हर्सीं सितम को देखा हे चेहरे पर मुखोटा लगाए लोगो को ग़र्मों की हॅसी हँसते हुए देखा हे। फुटपाथ को घर ओर घर को मकान बनते देखा हे ये रमैने जिंदगी को थोड़े करीब से जीकर देखा हे। लम्हों में सदि्यां ओर सदियों को लम्हों र्में बदलते देखा ह। मेने वक़्त की इस चाल को भी देखा हे। तजुर्वों का उम्र से कोई लेना देना नर्ही ठोकर्रों में तजुरबों का मिलना देखा है। मेने वक़्त को बदलते देखा हे। वक़्त जादूगर हे॰॰ मेने रसकी को देखा हे। எனி सुगंध वक्त जादूगर हे॰॰ मैने उसकी जादूगरी को देखा हे। वो बच्चे जिन्हे र्मौं बाप ने कल लोरी थी, सुनायी उर्न्ही बच्चों को आज उनपर गरजते देखा हे। थेजो कल किसी के हमसफ़र आज उर्न्ही को किसी ओर के साथ सफ़र करते देखा हे। ओर ग़र्मों को भी अपने ठिकार्नों की अदला बदली करते देखा हे खुशीर्यों 6াঁ! সন নিযী ক্ী पता बदलते देखा हे। अपना সপনী ক্কী पराया ओर परार्यों को अपना कर जाने वाले वक़्त के इस हर्सीं सितम को देखा हे चेहरे पर मुखोटा लगाए लोगो को ग़र्मों की हॅसी हँसते हुए देखा हे। फुटपाथ को घर ओर घर को मकान बनते देखा हे ये रमैने जिंदगी को थोड़े करीब से जीकर देखा हे। लम्हों में सदि्यां ओर सदियों को लम्हों र्में बदलते देखा ह। मेने वक़्त की इस चाल को भी देखा हे। तजुर्वों का उम्र से कोई लेना देना नर्ही ठोकर्रों में तजुरबों का मिलना देखा है। मेने वक़्त को बदलते देखा हे। वक़्त जादूगर हे॰॰ मेने रसकी को देखा हे। எனி - ShareChat