ShareChat
click to see wallet page
search
#ibadat #इबादत ए इस्लाम
ibadat - g क़ुरआन शरीफ़ की तिलावत मुसलमानों के सुकून और रहमत का स्रोत है। जब कोई व्यक्ति सा़फ़ दिल और पूरे आदर के साथ क़ुरआन पढ़ता है, तो उसका मन शांत हो जाता है। तिलावत से इंसान को सही रास्ता मिलता है और उसके दिल में सब्र, सच्चाई और नेकी पैदा होती है। सुबह या रात के समय क़ुरआन की आयतें पढ़ना आत्मा को शांति से दूर रहने और देता है। क़ुरआन हमें अच्छे कर्म करने , बुराई इंसानियत की सीख देता है। कहा गया है कि क़ुरआन की हर आयत रहमत और बरकत से भरी होती है। इसलिए रोज़ाना क़ुरआन शरीफ़ की तिलावत करना हमारे जीवन को बेहतर बनाता है और अल्लाह के क़रीब ले जाता है। g क़ुरआन शरीफ़ की तिलावत मुसलमानों के सुकून और रहमत का स्रोत है। जब कोई व्यक्ति सा़फ़ दिल और पूरे आदर के साथ क़ुरआन पढ़ता है, तो उसका मन शांत हो जाता है। तिलावत से इंसान को सही रास्ता मिलता है और उसके दिल में सब्र, सच्चाई और नेकी पैदा होती है। सुबह या रात के समय क़ुरआन की आयतें पढ़ना आत्मा को शांति से दूर रहने और देता है। क़ुरआन हमें अच्छे कर्म करने , बुराई इंसानियत की सीख देता है। कहा गया है कि क़ुरआन की हर आयत रहमत और बरकत से भरी होती है। इसलिए रोज़ाना क़ुरआन शरीफ़ की तिलावत करना हमारे जीवन को बेहतर बनाता है और अल्लाह के क़रीब ले जाता है। - ShareChat