🕉️ श्लोक (रावण का अहंकार):
न मे भीतिः कदाचित् स्यात्
रामाद्वा वानरादपि।
इत्युक्त्वा दर्पमास्थाय
रावणो हसितोऽभवत्॥
✨ अर्थ:
रावण हँसकर बोला—
मुझे न राम से भय है
न वानरों से।
अहंकार में डूबकर
वह उपहास करने लगा। 😠
🌺अहंकार
विनाश का प्रथम चरण होता है। 🌺
🙏 जय श्री राम🙏🔥🏹 #🕉️सनातन धर्म🚩 #Religiouslistingservice #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #ramayan📖🚩 #जय श्री राम #जय बजरंग #बली संकटमोचन महाबली


