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#✍️ साहित्य एवं शायरी #👩नारी शक्ति💪🙎‍♀️ #📜महिला दिवस कोट्स✍️💭 #"राही" की कविताएं #🌸 सत्य वचन
✍️ साहित्य एवं शायरी - अक्सर एक औरत   भुला देती है खुद को भी कभी मां बाप के सम्मान के लिए के अभिमान के लिए ! तो कभी भाइयों कभी वह भुला देती है खुद को.. पति और बच्चों की खुशी के लिए जीती है दूसरो की खुशी के लिए ! अक्सर वह वह भूल जाती है अपनी ख्वाहिशें अपने जीवन के कुछ अधूरे से सपने जीवन में उसको तोयाद रहते है बस अपने ! फिर वह जीना सीख जाती है 4 लिए अपनो के लिए अपनों के सपनों के लिए ! गुजार देती है जिंदगी बस अपनो के ' वह पर कभी औरत को बेबस ना समझना वह ना ही तो अबला  है ना ही किसी से डरती है वह जो भी करती है " राही " बस दिल से करती है ! बबिता चौधरी " राही' अक्सर एक औरत   भुला देती है खुद को भी कभी मां बाप के सम्मान के लिए के अभिमान के लिए ! तो कभी भाइयों कभी वह भुला देती है खुद को.. पति और बच्चों की खुशी के लिए जीती है दूसरो की खुशी के लिए ! अक्सर वह वह भूल जाती है अपनी ख्वाहिशें अपने जीवन के कुछ अधूरे से सपने जीवन में उसको तोयाद रहते है बस अपने ! फिर वह जीना सीख जाती है 4 लिए अपनो के लिए अपनों के सपनों के लिए ! गुजार देती है जिंदगी बस अपनो के ' वह पर कभी औरत को बेबस ना समझना वह ना ही तो अबला  है ना ही किसी से डरती है वह जो भी करती है " राही " बस दिल से करती है ! बबिता चौधरी " राही' - ShareChat