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#श्रीमद्भागवत गीता कोट्स #🌺 कृष्ण ज्ञान 🙏 गीता वचन 🌺 भक्ति 💕 राधा कृष्ण 🙏🙏 हरि बोल 🙏🙏
श्रीमद्भागवत गीता कोट्स - कर्म करो पार्थ श्रीमद्भगवद्गीता 2 , ধলীব্ধ 4 7 38414 ক্রলম্ভ  कर्मण्येवाधिकारस्ते मा कदाचन। ङ्गोडस्त्वकर्मणि।। कर्मफलहेतुर्भूर्म मा सरल अर्थः   तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है॰ उसके फल में कभी नहीं। इसलिए कर्म के फल को ही अपना उद्देश्य मत बनाओ और कर्म न करने में भी आसक्त मत हो। व्याख्याः   मनुष्य की सबसे बड़ी चिंता परिणाम को लेकर होती है। हम सोचते रहते हैं क्या होगा , कैसे होगा , अगर सफल नहीं हुए तो? श्रीकृष्ण समझाते हैं कि जब हम केवल फल पर ध्यान देते हैंतो मन डर, चिंता और दबाव से भर जाता है। लेकिन जब हम पूरे मन से अपना कर्म करते हैं, तो काम भी बेहतर होता है और मन भी शांत रहता है परकम ।। राधे राधे कर्म करो पार्थ श्रीमद्भगवद्गीता 2 , ধলীব্ধ 4 7 38414 ক্রলম্ভ  कर्मण्येवाधिकारस्ते मा कदाचन। ङ्गोडस्त्वकर्मणि।। कर्मफलहेतुर्भूर्म मा सरल अर्थः   तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है॰ उसके फल में कभी नहीं। इसलिए कर्म के फल को ही अपना उद्देश्य मत बनाओ और कर्म न करने में भी आसक्त मत हो। व्याख्याः   मनुष्य की सबसे बड़ी चिंता परिणाम को लेकर होती है। हम सोचते रहते हैं क्या होगा , कैसे होगा , अगर सफल नहीं हुए तो? श्रीकृष्ण समझाते हैं कि जब हम केवल फल पर ध्यान देते हैंतो मन डर, चिंता और दबाव से भर जाता है। लेकिन जब हम पूरे मन से अपना कर्म करते हैं, तो काम भी बेहतर होता है और मन भी शांत रहता है परकम ।। राधे राधे - ShareChat