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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - 66 एक ही चेहरे की अहमियत हर एक नजर में अलग क्यूं है उसी चेहरे पे कोई खफा तो कोई फिदा सा क्यूं है 66 एक ही चेहरे की अहमियत हर एक नजर में अलग क्यूं है उसी चेहरे पे कोई खफा तो कोई फिदा सा क्यूं है - ShareChat