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👌 दोहे - दोहा সনি ক্ধা মলা ন নীলনা; अति की भली न चूप। अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।। अर्थ : न तो अधिक बोलना अच्छा हे , न जरुरत से ज्यादा चुप रहना जेसे बहुत  अधिक वर्षा होना भी अच्छा नही हे ओर बहुत अधिक धूप भी अच्छी नही होती  दोहा সনি ক্ধা মলা ন নীলনা; अति की भली न चूप। अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।। अर्थ : न तो अधिक बोलना अच्छा हे , न जरुरत से ज्यादा चुप रहना जेसे बहुत  अधिक वर्षा होना भी अच्छा नही हे ओर बहुत अधिक धूप भी अच्छी नही होती - ShareChat