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#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - !l कर्म का फल !! एक बार श्री कृष्ण अपने भक्त को समझा रहे मैंने किसी 'प्रभु थे। भक्त 4731<41<, दुखी का बुरा नहीं किया, फिर भी मुझे कष्ट क्यों मिलते हैं। श्री कृष्ण मुस्कुराए और उसे एक खेत में ले गए। यहाँ बीज बोते हुए किसान की ओर इशारा करके बोले। जो बीज बोया जाता है, चही फल बनकर लौटता है। आज जो फल मिल रहा है, वह बीते कमों का परिणाम है। और आज जो कर रहे हो , वही कल का भविष्य बनेगा| भक्त की आँखों में आँसू आ गए। उसने समझ लिया-कर्म ही भाग्य बनाते हैं। अच्छे कर्म ही सच्चा सुख देते हैं।। !l कर्म का फल !! एक बार श्री कृष्ण अपने भक्त को समझा रहे मैंने किसी 'प्रभु थे। भक्त 4731<41<, दुखी का बुरा नहीं किया, फिर भी मुझे कष्ट क्यों मिलते हैं। श्री कृष्ण मुस्कुराए और उसे एक खेत में ले गए। यहाँ बीज बोते हुए किसान की ओर इशारा करके बोले। जो बीज बोया जाता है, चही फल बनकर लौटता है। आज जो फल मिल रहा है, वह बीते कमों का परिणाम है। और आज जो कर रहे हो , वही कल का भविष्य बनेगा| भक्त की आँखों में आँसू आ गए। उसने समझ लिया-कर्म ही भाग्य बनाते हैं। अच्छे कर्म ही सच्चा सुख देते हैं।। - ShareChat