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#hanuman ji शांत भस्म है, वहाँ श्रृंगार भी है, जहाँ भीषण तांडव, वहाँ अपार प्यार भी है। एक हिमालय की अडिग तपस्या, एक गंगा की धार हैं, शिव और पार्वती ही तो, इस सृष्टि का सार हैं। वह कंठ में विष को धारण कर, नीलकंठ कहलाते हैं, वह ममता की मूरत बन, जग को अमृत पिलाती हैं। उनके मस्तक पर चंद्रमा, इनके हाथों में मेहंदी रची, एक वैरागी सा जोगी है, एक सौभाग्य की मूरत सजी। `शिव पार्वती`🥰❤️
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