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#दिल कि बातें ... दिल कि कलम से #💕 "लफ्ज़" कुछ तेरे....कुछ मेरे.... 💘 R #Dil❤️Se💙Dil💜Ki🖤Baat💚 #💕दिल की💕बात 💕दिल से💕दिल तक💕अल्फाज ए मुहब्बत 💕( आर-दत्ता)😘😟 #💚💜♥️♤लव शायरी♤मेरे दिल के अल्फाज♤मेरे जज्बात♤♥️💜💚{सुकून सिर्फ तुम}♥️रश्मिदत्ता♥️👈
दिल कि बातें ... दिल कि कलम से - हाथों में ले करके नमक जख्मों को देखा करते हाो। तुम लाखों में एक नहीं तुम भी तो लाखों जैसे हो। दुनिया का है तुम तो मेरे अपने थे, काम तमाशा भी नही तुम कैसे हो। कतरा कतरा दिल ये जला , पूछा तुमने ही था वार किया, अपनी ढाल कहा था, 344} खंजर बन के उभरे हो तुम, फूल के वादों जैसे हो। रिश्ते की डोरी बोझ सी लगती है॰ #, রথী मुझको जैसे हो। तुम भी बहलाते हो यानी तुम भी ತfur जर्सी का मैं इक धागा , बंध कर तुमसे खिंचता ही गया , सोचूँ गम की चादर ओढ़़े तुम क्या मेरे लगते हो। हाथों में ले करके नमक जख्मों को देखा करते हाो। तुम लाखों में एक नहीं तुम भी तो लाखों जैसे हो। दुनिया का है तुम तो मेरे अपने थे, काम तमाशा भी नही तुम कैसे हो। कतरा कतरा दिल ये जला , पूछा तुमने ही था वार किया, अपनी ढाल कहा था, 344} खंजर बन के उभरे हो तुम, फूल के वादों जैसे हो। रिश्ते की डोरी बोझ सी लगती है॰ #, রথী मुझको जैसे हो। तुम भी बहलाते हो यानी तुम भी ತfur जर्सी का मैं इक धागा , बंध कर तुमसे खिंचता ही गया , सोचूँ गम की चादर ओढ़़े तुम क्या मेरे लगते हो। - ShareChat