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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - {3 নিন্তু बिस्वास भगति नहिं तेहि द्रवहिं न रामु। নিন্তু ] सपनेहुँ जीव न लह बिश्रामु II राम कृपा ओम मैनी ओम  विश्वास  के भक्ति नहीं और भक्ति के बिना भगवान होती बिना राम (ईश्वर) का प्रेम प्राप्त नहीं होता। और ईश्वर की कृपा के बिना मनुष्य को सपने में भी शांति नहीं मिल सकती। {3 নিন্তু बिस्वास भगति नहिं तेहि द्रवहिं न रामु। নিন্তু ] सपनेहुँ जीव न लह बिश्रामु II राम कृपा ओम मैनी ओम  विश्वास  के भक्ति नहीं और भक्ति के बिना भगवान होती बिना राम (ईश्वर) का प्रेम प्राप्त नहीं होता। और ईश्वर की कृपा के बिना मनुष्य को सपने में भी शांति नहीं मिल सकती। - ShareChat