#हरि_आये_हरियाणे_नूं
सतपुरुष पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी संत गरीबदास जी महाराज के गुरु थे, जिन्होंने संत गरीबदास जी को सतलोक दर्शन कराने के बाद उनमें संपूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान समाहित किया। तत्पश्चात् गरीबदास जी ने ईश्वर की प्रत्यक्षदर्शी महिमा का गुणगान किया और सतग्रंथ (गरीब दास जी की वाणी का संग्रह) की रचना की।
सतगुरु पुरुष कबीर हैं, यह चारों युग परवान। यह झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। ##हरि_आये_हरियाणे_नूं


