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#ઓશો રજનીશ
ઓશો રજનીશ - $খ২ নীন মী মালী ম मनुष्यने जो कुछ भी पाया है, उसे पाने से भीतर अहँकार मिला 11 ওমী লনা ৯ ক্ি अब मैं सब कुछ कर सकता हूँ और जितना भी अहँकार मजबूत होता है, उतनी ही नास्तिकता सघन हो जाती है $খ২ নীন মী মালী ম मनुष्यने जो कुछ भी पाया है, उसे पाने से भीतर अहँकार मिला 11 ওমী লনা ৯ ক্ি अब मैं सब कुछ कर सकता हूँ और जितना भी अहँकार मजबूत होता है, उतनी ही नास्तिकता सघन हो जाती है - ShareChat