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#✍️ साहित्य एवं शायरी #"राही" की कविताएं #🌸 सत्य वचन #👩नारी शक्ति💪🙎‍♀️ #📜महिला दिवस कोट्स✍️💭
✍️ साहित्य एवं शायरी - जीवन भर दो घरों की इज्ज़त का ठेका मुझे इस समाज के कुछ ठेकेदारों ने दिया ! "दो घरों की इज्जत ही हूं " यही उन्हें याद रहा पर कहने को भी मुझे अपना एक घर न दिया ! "पराया धन हूं  ना मैं तो " बस यही सोचकर मां बाप ने भी घरमें कभी कोई हक ना दिया ! रोज ही सुनती हूं मैं जमाने की सारी नसीहते पर मुझे किसी ने घर में बोलने का हक ना दिया ! पर अब चुकी हूं समाज के खोखले रीति रिवाजों से थक "मैं" किसी से कम नहीं अब यह समझा जाना है ! जीवन के हर रूप में   साबित किया है खुद को यहां इस पुरुष प्रधान  समाज को आइना दिखा जाना है ! हो सके तो छोड़ दो  दंभ झूठी शानो शौकत का लड़का लड़की के भ्रम को भी अब तोड जाना है ! मैं नहीं हूं अब अबला ` बेचारी सी नारी " राही' कोई मुझे इस जमाने में अब यह साबित कर जाना है ! बबिता चौधरी " राही " जीवन भर दो घरों की इज्ज़त का ठेका मुझे इस समाज के कुछ ठेकेदारों ने दिया ! "दो घरों की इज्जत ही हूं " यही उन्हें याद रहा पर कहने को भी मुझे अपना एक घर न दिया ! "पराया धन हूं  ना मैं तो " बस यही सोचकर मां बाप ने भी घरमें कभी कोई हक ना दिया ! रोज ही सुनती हूं मैं जमाने की सारी नसीहते पर मुझे किसी ने घर में बोलने का हक ना दिया ! पर अब चुकी हूं समाज के खोखले रीति रिवाजों से थक "मैं" किसी से कम नहीं अब यह समझा जाना है ! जीवन के हर रूप में   साबित किया है खुद को यहां इस पुरुष प्रधान  समाज को आइना दिखा जाना है ! हो सके तो छोड़ दो  दंभ झूठी शानो शौकत का लड़का लड़की के भ्रम को भी अब तोड जाना है ! मैं नहीं हूं अब अबला ` बेचारी सी नारी " राही' कोई मुझे इस जमाने में अब यह साबित कर जाना है ! बबिता चौधरी " राही " - ShareChat