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'श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संस्थापक एवं प्रधान संरक्षक परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराजश्री का जगत हितकारी संदेश' प्रिय गौभक्त और गौभक्ता आप पत्र पढ़कर आगे प्रेषित करने की कृपा करावें। #गौमहिमा
गौमहिमा - ।श्री सरथ्य नमः। सर्वहितेषी सांकेतिक संदेश आत्मीय गोभक्त सज्जनों मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीरामजी के अवतरण दिवस की मंगलमयी बघाई सहित कीजिए 7 पूज्या गोमाता का अमोघ आशीर्वाद स्वीकार " जय गोमाता जय गोपाल। मनीषियों का कहना है कि आगे अतिशीघ्र इस धरती भविष्यदृष्टा  आत्मीय महानुभाव  अघर्मी, विघ्वर्मी, गो- अपराघी और गोघाती असुरों द्वारा किए गए कुकृत्यों का भयंकर  पर दरुष्परिणाम , विनाशकारी संक्रमण, महामारी, द्वन्द्युद्ध , गृहयुद्ध , जातीय संघर्ष  विश्वयुद्ध , आदि आपदाओं के रूप में सामने आने वाला है॰ इससे मानवजाति तथा जीवजगत अत्यंत पीड़ित हो जायेगा ऐसी दुःखद परिस्थितियों में श्री गोगोपाल की सेवा एवं स्मरण ही एक গনলনল & | মান भाई-बहिनों से अनुरोघ किया जाता है कि आप अपने निवासों अतः गोभक्त धर्मात्मा गोघृत 7 का दीपक जलाकर व्यक्तिगत और सामूहिक भगवान के नाम का  एवं कार्यस्थलों पर  , गीताजी व विष्णु - संकीर्तन , सर्वहितकारी प्रार्थना, रामायण, सहस्रनाम स्तोत्र पाठ तथा प्राप्त  करते हुए 7  कीजिए। 7 इसी से स्वयं परिवार सामर्थ्यानुसार नियमित गोसेवा  गोव्रत का पालन समाज , राष्ट्र और संसार को विनाशकारी आपदाओं से राहत निलेंगी किमधिकम् | गौरक्षक भगवान श्री " गोमाता , गोवत्स , गोप- गोपी- गोपबालक एवं खुनाथजी  परम गोभक्त धर्मात्मा परिवारों की रक्षा करें | I5=ITII आपका अपना अकिंँचन गैौऋषि दत्तशरणानन्द ।श्री सरथ्य नमः। सर्वहितेषी सांकेतिक संदेश आत्मीय गोभक्त सज्जनों मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीरामजी के अवतरण दिवस की मंगलमयी बघाई सहित कीजिए 7 पूज्या गोमाता का अमोघ आशीर्वाद स्वीकार " जय गोमाता जय गोपाल। मनीषियों का कहना है कि आगे अतिशीघ्र इस धरती भविष्यदृष्टा  आत्मीय महानुभाव  अघर्मी, विघ्वर्मी, गो- अपराघी और गोघाती असुरों द्वारा किए गए कुकृत्यों का भयंकर  पर दरुष्परिणाम , विनाशकारी संक्रमण, महामारी, द्वन्द्युद्ध , गृहयुद्ध , जातीय संघर्ष  विश्वयुद्ध , आदि आपदाओं के रूप में सामने आने वाला है॰ इससे मानवजाति तथा जीवजगत अत्यंत पीड़ित हो जायेगा ऐसी दुःखद परिस्थितियों में श्री गोगोपाल की सेवा एवं स्मरण ही एक গনলনল & | মান भाई-बहिनों से अनुरोघ किया जाता है कि आप अपने निवासों अतः गोभक्त धर्मात्मा गोघृत 7 का दीपक जलाकर व्यक्तिगत और सामूहिक भगवान के नाम का  एवं कार्यस्थलों पर  , गीताजी व विष्णु - संकीर्तन , सर्वहितकारी प्रार्थना, रामायण, सहस्रनाम स्तोत्र पाठ तथा प्राप्त  करते हुए 7  कीजिए। 7 इसी से स्वयं परिवार सामर्थ्यानुसार नियमित गोसेवा  गोव्रत का पालन समाज , राष्ट्र और संसार को विनाशकारी आपदाओं से राहत निलेंगी किमधिकम् | गौरक्षक भगवान श्री " गोमाता , गोवत्स , गोप- गोपी- गोपबालक एवं खुनाथजी  परम गोभक्त धर्मात्मा परिवारों की रक्षा करें | I5=ITII आपका अपना अकिंँचन गैौऋषि दत्तशरणानन्द - ShareChat