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#⚖️स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को HC से बड़ी राहत
⚖️स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को HC से बड़ी राहत - Oooopsy 31um, 1989 8 ज्योतिष्पीठ के वरिष्ठ संत जीनए बोधश्रम के निधन के बाद स्वरूपानंद शंकराचार्य सरस्वती ने खुद को उनका उत्तराधिकारी पदवी का घोषित कर दिया। बिवाद १५ अप्रैल, १९८९ ज्योतिष्पीठ के वरिष्ठ संत शांतानंद जी ने वासुदेवानंद सरस्वती जी को अपना  उत्तराधिकारी घोषित  कर दिया। अब एक ही पीठ के दो शंकराचार्य TUI २०१७ में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूपानंद सरस्वती और वासुदेवानंद सरस्वती दोनों को ही शंकराचार्य मानने से ने कहा  হলকা কং নিমা থাI কীরৎ থা- कोई भी योग्य उत्तराधिकारी नहीं है। मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जाएगा। विवाद चलता रहा और ११ सितंबर, २०२२ को संत  स्वरूपानंद सरस्वती का निधन हो गया। उसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने अगले दिन  शंकराचार्य घोषित कर दिया। खुद को १६ अक्टूबर २०२२ को कोर्टने अविमुक्तेश्वरानंद  सुप्रीम  के पट्टाभिषेक और छत्र-चंवर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। Oooopsy 31um, 1989 8 ज्योतिष्पीठ के वरिष्ठ संत जीनए बोधश्रम के निधन के बाद स्वरूपानंद शंकराचार्य सरस्वती ने खुद को उनका उत्तराधिकारी पदवी का घोषित कर दिया। बिवाद १५ अप्रैल, १९८९ ज्योतिष्पीठ के वरिष्ठ संत शांतानंद जी ने वासुदेवानंद सरस्वती जी को अपना  उत्तराधिकारी घोषित  कर दिया। अब एक ही पीठ के दो शंकराचार्य TUI २०१७ में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूपानंद सरस्वती और वासुदेवानंद सरस्वती दोनों को ही शंकराचार्य मानने से ने कहा  হলকা কং নিমা থাI কীরৎ থা- कोई भी योग्य उत्तराधिकारी नहीं है। मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जाएगा। विवाद चलता रहा और ११ सितंबर, २०२२ को संत  स्वरूपानंद सरस्वती का निधन हो गया। उसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने अगले दिन  शंकराचार्य घोषित कर दिया। खुद को १६ अक्टूबर २०२२ को कोर्टने अविमुक्तेश्वरानंद  सुप्रीम  के पट्टाभिषेक और छत्र-चंवर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। - ShareChat