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#🖋ग़ालिब की शायरी
🖋ग़ालिब की शायरी - बड़ी मुश्किल से आते हैं समझ में लखनऊ वाले, दिलों में फ़ासले लब पर मगर आदाब रहता है.!! ~मुनव्वर राना साहब हिँदी उर्दू साहित्य मिज़ाज POETRY बड़ी मुश्किल से आते हैं समझ में लखनऊ वाले, दिलों में फ़ासले लब पर मगर आदाब रहता है.!! ~मुनव्वर राना साहब हिँदी उर्दू साहित्य मिज़ाज POETRY - ShareChat