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जय सर्वजन समाज जय हिन्द जय भारत वंदेमातरम। #ज्योतिष
ज्योतिष - दुकान में ऐसा क्या करें कि ग्राहक खाली हाथ न जाए? अगर ग्राहक दुकान में आते हैं... देखते हैं.. और बिना खरीदे चले जाते हैं सिद्घ तो अपनाएं ये 5 और परंपरागत उपाय १. सुबह का "श्री" संकल्प. दुकान खोलते ही गल्ले को हाथ लगाकर 3 बार "३ रथ्री महालद्म्चै नमः" নীল शास्त्रों में "श्री" को धन का वीज माना गया है। लक्ष्मी स्थिर होती हैं। इससे २. मुख्य द्वार पर हल्दी जल. प्रवेश द्वार पर हल्दी मिले जल के 3 छीँटे दें। यह शुभता ओर सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। धन का आगमन रुकता नही। ३. शनिवार सरसों दीपक. शनिवार शाम दुकान के बाहर सरसों तेल का दीपक जलाने के बाद उसमें 2 लोग डाले ओर दीपक जलाएं। धार्मिक मान्चता है कि इससे बाधाए शांत होती है। रुकी हुई बिक्री चलने लगती है। @Astrologersaraswati ४. गल्ले में 1 गांठ. हल्दी पीले कपड़े में वांधकर रखें। हल्दी को "शी तत्व " कहा गया है। धन टिकता है, फिजूल खर्च कम होता है। ५. पहले ग्राहक से मुस्कान. पहली बिक्री में बहस नहीं। चाहे थोड़ा लाभ कम हो। "वोनी" पूरे दिन की ऊर्जा तय करती है। विशेष ध्यान देंः सफाई + सुगंध + मधुर व्यवहार. यही असली और सबसे बड़ा उपाय है। जहाँ सम्मान होता है, वहाँ ग्राहक खुद खिंचे चले आते हैं। कमेंट में लिखें  जय माँ लक्ष्मी " पंडित सुरेंद्र शास्त्री दुकान में ऐसा क्या करें कि ग्राहक खाली हाथ न जाए? अगर ग्राहक दुकान में आते हैं... देखते हैं.. और बिना खरीदे चले जाते हैं सिद्घ तो अपनाएं ये 5 और परंपरागत उपाय १. सुबह का "श्री" संकल्प. दुकान खोलते ही गल्ले को हाथ लगाकर 3 बार "३ रथ्री महालद्म्चै नमः" নীল शास्त्रों में "श्री" को धन का वीज माना गया है। लक्ष्मी स्थिर होती हैं। इससे २. मुख्य द्वार पर हल्दी जल. प्रवेश द्वार पर हल्दी मिले जल के 3 छीँटे दें। यह शुभता ओर सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। धन का आगमन रुकता नही। ३. शनिवार सरसों दीपक. शनिवार शाम दुकान के बाहर सरसों तेल का दीपक जलाने के बाद उसमें 2 लोग डाले ओर दीपक जलाएं। धार्मिक मान्चता है कि इससे बाधाए शांत होती है। रुकी हुई बिक्री चलने लगती है। @Astrologersaraswati ४. गल्ले में 1 गांठ. हल्दी पीले कपड़े में वांधकर रखें। हल्दी को "शी तत्व " कहा गया है। धन टिकता है, फिजूल खर्च कम होता है। ५. पहले ग्राहक से मुस्कान. पहली बिक्री में बहस नहीं। चाहे थोड़ा लाभ कम हो। "वोनी" पूरे दिन की ऊर्जा तय करती है। विशेष ध्यान देंः सफाई + सुगंध + मधुर व्यवहार. यही असली और सबसे बड़ा उपाय है। जहाँ सम्मान होता है, वहाँ ग्राहक खुद खिंचे चले आते हैं। कमेंट में लिखें  जय माँ लक्ष्मी " पंडित सुरेंद्र शास्त्री - ShareChat