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#📚कविता-कहानी संग्रह #school विद्यालय प्रवेशोत्सव गीत आ चल के तुझे मैं ले के चलूं सरकारी विद्यालय की ओर जहां पढ़ाई भी हो लिखने भी मिले जहां खेल में सीख मिले आ चल के तुझे मैं ले के चलूं सरकारी विद्यालय की ओर जहां खाना भी मिले पुस्तक भी मिले फ्री स्कॉलरशिप भी मिले एक ऐसे विद्यालय की ओर। स्कूल की पहली घंटी से आशा का सवेरा जागे ज्ञान की किरण से धूल कर अज्ञान अंधेरा भागे कभी धूप मिले कभी छाँव मिले एक ऐसे विद्यालय चले जहां पढ़ाई भी हो लिखने भी मिले जहां खेल में सीख मिले आ चल के तुझे मैं ले के चलूं सरकारी विद्यालय की ओर । मंदिर सी ऐसी जगह में जहाँ गुरू से ज्ञान मिला हो हम जा के वहाँ खो जाए जहाॅ डाट में प्यार मिला हो जहाॅ बैर न हो कोई गैर न हो एक ऐसे विद्यालय चले जहां पढ़ाई भी हो लिखने भी मिले जहां खेल में सीख मिले आ चल के तुझे मैं ले के चलूं सरकारी विद्यालय की ओर । जहाॅ जा के नजर रूक जाए सपनो का चमन लहराए जहाॅ रंग भी रंगी किताबें आशा का संदेशा लाए हाथों में कलम लिखने को चले एक नई सोच की कहानी जहां पढ़ाई भी हो लिखने भी मिले जहां खेल में सीख मिले आ चल के तुझे मैं ले के चलूं सरकारी विद्यालय की ओर । आ चल के तुझे मैं ले के चलूं सरकारी विद्यालय की ओर जहां खाना भी मिले पुस्तक भी मिले फ्री स्कॉलरशिप भी मिले एक ऐसे विद्यालय की ओर। सरकारी विद्यालय की ओर । पूजा जोशी खैरवाडा