ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #📗प्रेरक पुस्तकें📘
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ट्यूशन से नहीं , सही मार्गदर्शन से हर बच्चा टॉप कर सकता है १) घर को पढ़ाई की जगह बनाइएः जैसे ट्यूशन का तय समय होता है, वैसे ही घर पर भी रोज़ एक निश्चित समय और शांत जगह तय करें । नियमित माहौल बच्चे को खुद पढ़ने की आदत सिखाता है। २) छोटे सत्र , बेहतर परिणामः बच्चों का ध्यान लंबे समय तक नहीं टिकता। इसलिए २५ ३० मिनट पढाई के बाद ५ १० मिनट का छोटा ब्रेक दें। इससे थकान नहीं होगी और समझ बेहतर बनेगी। ३) खेल = दिमाग की ताकतः पढाई के साथ-साथ रोज़ बाहर खेलना बहुत ज़रूरी है। खेलने से शरीर ही नहीं, एकाग्रता और याददाश्त भी मजबूत होती है। ४) लिखकर पढ़ना , पक्का सीखनाः स्कूल में जो पढ़ाया गया है, उसे घर आकर लिखकर दोहराने को कहें। लिखने से बच्चा विषय को जल्दी और लंबे समय तक याद रखता है। ५) डर नहीं , अभ्यास वाला टेस्टः हर हफ्ते या वीकेंड पर छोटा सा टेस्ट लें। इससे परीक्षा का डर खत्म होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। ट्यूशन से नहीं , सही मार्गदर्शन से हर बच्चा टॉप कर सकता है १) घर को पढ़ाई की जगह बनाइएः जैसे ट्यूशन का तय समय होता है, वैसे ही घर पर भी रोज़ एक निश्चित समय और शांत जगह तय करें । नियमित माहौल बच्चे को खुद पढ़ने की आदत सिखाता है। २) छोटे सत्र , बेहतर परिणामः बच्चों का ध्यान लंबे समय तक नहीं टिकता। इसलिए २५ ३० मिनट पढाई के बाद ५ १० मिनट का छोटा ब्रेक दें। इससे थकान नहीं होगी और समझ बेहतर बनेगी। ३) खेल = दिमाग की ताकतः पढाई के साथ-साथ रोज़ बाहर खेलना बहुत ज़रूरी है। खेलने से शरीर ही नहीं, एकाग्रता और याददाश्त भी मजबूत होती है। ४) लिखकर पढ़ना , पक्का सीखनाः स्कूल में जो पढ़ाया गया है, उसे घर आकर लिखकर दोहराने को कहें। लिखने से बच्चा विषय को जल्दी और लंबे समय तक याद रखता है। ५) डर नहीं , अभ्यास वाला टेस्टः हर हफ्ते या वीकेंड पर छोटा सा टेस्ट लें। इससे परीक्षा का डर खत्म होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। - ShareChat