#भक्ति
जय माता दी! बहुत ही सुंदर और भक्तिमय पंक्तियाँ हैं। चैत्र नवरात्रि और होली के इस पावन संगम पर माता रानी का यह स्वरूप और भी मनमोहक लगता है।
पिण्डी स्वरूपा माता वैष्णों देवी के भवन में होली का दृश्य अत्यंत अलौकिक होता है, जहाँ भक्तों का उत्साह और माँ की कृपा गुलाल बनकर बरसती है।
माँ के चरणों में समर्पित कुछ पंक्तियाँ:
* भवन की रौनक: कटरा की पहाड़ियों में गूंजता "जय माता दी" का जयकारा और माँ के भवन में उड़ता हुआ अबीर-गुलाल, साक्षात स्वर्ग का अनुभव कराता है।
* पिण्डी स्वरूप: महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के संगम रूप पिण्डी दर्शन से ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
* भक्ति और उल्लास: "होली खेले महामाया..." यह भजन सुनकर मन स्वतः ही त्रिकुटा पर्वत की ओर खिंचा चला जाता है।
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