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#गला_भी_कटाया_मोक्ष_नहींपाया #GodKabirNirvanDiwas #कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस ब्राह्मणों ने वृद्धों की भीड़ से बचने और अपने लाभ के लिए काशी में करौंत का षड्यंत्र रचा। इसे परमात्मा का आदेश बताकर जनता को धोखा दिया। सच्चे गुरु का सत्संग और तत्त्वज्ञान ही सत्य साधना की राह दिखा सकते हैं। बिना गुरु के सही मार्ग पर चलना संभव नहीं है। काशी के ब्राह्मणों ने करौंत स्थापित कर यह भ्रम फैलाया कि इससे स्वर्ग मिल सकता है। यह एक पाखंड था, जो अज्ञानता के कारण लोगों ने सच मान लिया। आदरणीय गरीबदास जी ने कहा कि यदि स्वर्ग इतनी सरलता से मिलता, तो सत्य युग से ही यह विधि प्रचलित होती। यह सब शास्त्र-विरुद्ध है। शास्त्र अनुकूल भक्ति के बिना कुछ भी लाभ नहीं होगा चाहे काशी में करौंत से गर्दन भी कटवा लो। कुछ बुद्धिजीवी व्यक्ति विचार किया करते थे कि स्वर्ग प्राप्ति के लिए तो राजाओं ने राज्य त्यागा। जंगल में जाकर कठिन तपस्या की। शरीर के नष्ट होने की भी चिंता नहीं की। यदि स्वर्ग प्राप्त करना इतना सरल था तो यह विधि सत्य युग से ही प्रचलित होती। यह तो सबसे सरल है। सारी आयु कुछ भी करो। वृद्ध अवस्था में काशी में निवास करो या करौंत से शीघ्र मरो और स्वर्ग में मौज करो। गीता में भगवान ने स्पष्ट कहा है कि शास्त्रानुसार साधना करने से ही मोक्ष संभव है। मनमानी साधना व्यर्थ और निरर्थक है। #✝यीशु वचन #🙏🏻गुरबानी #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏 माँ वैष्णो देवी
✝यीशु वचन - 66 संत को ज्ञान से पहचानिए पीले से नहीं , आजकल লাল इस ड्रेस में ढोंगी ज्यादा है.- 66 संत को ज्ञान से पहचानिए पीले से नहीं , आजकल লাল इस ड्रेस में ढोंगी ज्यादा है.- - ShareChat