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#🌼 जय श्री कृष्ण #📝 शिकवण #🎑जीवन प्रवास #👍लाईफ कोट्स #🙂माणुसकीच नात
🌼 जय श्री कृष्ण - क्यों मनुष्य रहता है गीता ज्ञान दुखी इसलिए रहता है क्योंकि वह अपनी ತi मनुष्य अक्सर इच्छाओं , अपेक्षाओं और तुलना के जाल में फँसा रहता है। जब चीजें उसके मन के अनुसार नहीं होतीं या वह 4 दूसरों ' अपनी तुलना करता है, तो असंतोष और पीडा जन्म लेते हैं अतीत का पछतावा और भविष्य की चिंता भी मन को अशांत रखते हैं जिससे वर्तमान का सुख छिन जाता है। सच्ची शांति तब मिलती है जब मनुष्य संतोष, स्वीकृति और कृतज्ञता को अपनाता है। क्यों मनुष्य रहता है गीता ज्ञान दुखी इसलिए रहता है क्योंकि वह अपनी ತi मनुष्य अक्सर इच्छाओं , अपेक्षाओं और तुलना के जाल में फँसा रहता है। जब चीजें उसके मन के अनुसार नहीं होतीं या वह 4 दूसरों ' अपनी तुलना करता है, तो असंतोष और पीडा जन्म लेते हैं अतीत का पछतावा और भविष्य की चिंता भी मन को अशांत रखते हैं जिससे वर्तमान का सुख छिन जाता है। सच्ची शांति तब मिलती है जब मनुष्य संतोष, स्वीकृति और कृतज्ञता को अपनाता है। - ShareChat