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#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - रहित बिरागी | प्रेम तें प्रभु प्रगटइ जिमि आगी Il अग जगमय सब मोर बचन सब के मन माना | साधु साधु करि ब्रह्म बखाना Il शिब्दार्थ Acharya mainய गोस्वामी जी लिखते हैं कि शिवजी बोले वे चराचरमय (चराचरमें सबसे रहित हैं और विरक्त हैं (उनकी कही व्याप्त) होते ೯೯ ೯ आसक्ति नहीं है); वे प्रेमसे प्रकट होते हैं, जैसे अग्नि | (अग्नि अव्यक्तरूप से सर्वत्र व्याप्त है परन्तु जहाँ उसके लिये अरणिमन्थनादि साधन किये जाते हैं, वहाँ वह प्रकट होती है। इसी प्रकार सर्वत्र व्याप्त भगवान् भी प्रेम से प्रकट होते हैंI) मेरी बात सबको प्रिय लगी। ब्रह्माजी ने 'साधु, साधु कहकर बड़ाई की। रहित बिरागी | प्रेम तें प्रभु प्रगटइ जिमि आगी Il अग जगमय सब मोर बचन सब के मन माना | साधु साधु करि ब्रह्म बखाना Il शिब्दार्थ Acharya mainய गोस्वामी जी लिखते हैं कि शिवजी बोले वे चराचरमय (चराचरमें सबसे रहित हैं और विरक्त हैं (उनकी कही व्याप्त) होते ೯೯ ೯ आसक्ति नहीं है); वे प्रेमसे प्रकट होते हैं, जैसे अग्नि | (अग्नि अव्यक्तरूप से सर्वत्र व्याप्त है परन्तु जहाँ उसके लिये अरणिमन्थनादि साधन किये जाते हैं, वहाँ वह प्रकट होती है। इसी प्रकार सर्वत्र व्याप्त भगवान् भी प्रेम से प्रकट होते हैंI) मेरी बात सबको प्रिय लगी। ब्रह्माजी ने 'साधु, साधु कहकर बड़ाई की। - ShareChat