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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - सकारामण्कत्त सोच रखने वाटें॰ की सुपरहिट कहानी सोच बदले तो किस्मत श्षी बदलती है! खीोटे से गांव नंदपुर में एक सीधान्साधा लडका रहता था - विवेक उघके पास न अचडा घर था, न पेसे , लेकिन एक अमूल्य चेज थी =उसकी सोच जव मांच में कोर्ड मुसिािबत आती, लोग घवरा जाते , लेकिन विवेक कहा ता - * कोर्ह बात नहीं, हर अंघंरो रात के चाद एक उजाला जहर आता हे॰ लोग उहे हैसी में टाल दैतै, पर विवेक को अपनी सौच पर मरोमा लकिन विवैक का जवाव होता = था 2 ४अगर सपने सन्चे नहीं हौते, तौ भगवान ह्में देखने हे ही बयों डेता ? " एक दिन गांव में *जेविक खेती योजना  का एलान हुआ. जहों लोग डर कर पीछे हटं बहों विवेक आगे आया उसने एक बीघा जमिन किराये पर लेकर बैविक खेती की शुसआत की पहते साल नुकसान हुभा , मगर वह स्का नही॰ हर मलती से सीखता गया तीन साल में सव वदल गया उसके खेत रंगी फल फब अरे टोवी वनल उसका डर्टरटवू ढलेने लगै  शहरौ से बागारौ आने लगे अव विवेक कै सग कहेत हे ? जैरो मै ही हौ , अगर सोच पजवुव है, तो लौत  प्लात चाहे अब रखोे तच हे!!१ कहानी से सीखः कोर्ह जाढ्नु नहों, बल्कि अंदर की वौ आग है सकाराभत्क सोच जो हालात वदल दैती है॰ जहो लौग हार आात लेते हे, बहा एक सकारामक हे ~*मैं फिर से कोशिश कबंगा ! डसान कहता सकारामण्कत्त सोच रखने वाटें॰ की सुपरहिट कहानी सोच बदले तो किस्मत श्षी बदलती है! खीोटे से गांव नंदपुर में एक सीधान्साधा लडका रहता था - विवेक उघके पास न अचडा घर था, न पेसे , लेकिन एक अमूल्य चेज थी =उसकी सोच जव मांच में कोर्ड मुसिािबत आती, लोग घवरा जाते , लेकिन विवेक कहा ता - * कोर्ह बात नहीं, हर अंघंरो रात के चाद एक उजाला जहर आता हे॰ लोग उहे हैसी में टाल दैतै, पर विवेक को अपनी सौच पर मरोमा लकिन विवैक का जवाव होता = था 2 ४अगर सपने सन्चे नहीं हौते, तौ भगवान ह्में देखने हे ही बयों डेता ? " एक दिन गांव में *जेविक खेती योजना  का एलान हुआ. जहों लोग डर कर पीछे हटं बहों विवेक आगे आया उसने एक बीघा जमिन किराये पर लेकर बैविक खेती की शुसआत की पहते साल नुकसान हुभा , मगर वह स्का नही॰ हर मलती से सीखता गया तीन साल में सव वदल गया उसके खेत रंगी फल फब अरे टोवी वनल उसका डर्टरटवू ढलेने लगै  शहरौ से बागारौ आने लगे अव विवेक कै सग कहेत हे ? जैरो मै ही हौ , अगर सोच पजवुव है, तो लौत  प्लात चाहे अब रखोे तच हे!!१ कहानी से सीखः कोर्ह जाढ्नु नहों, बल्कि अंदर की वौ आग है सकाराभत्क सोच जो हालात वदल दैती है॰ जहो लौग हार आात लेते हे, बहा एक सकारामक हे ~*मैं फिर से कोशिश कबंगा ! डसान कहता - ShareChat