ShareChat
click to see wallet page
search
#😱इंदौर: पानी पीने से 10 की मौत, 1400+ शिकार🫗
😱इंदौर: पानी पीने से 10 की मौत, 1400+ शिकार🫗 - भास्कर - १६ मौतें. .. जिम्मेदार कौन? मंत्री - खामियों पर कार्रवाई की अमित मंडलोई | इंदौर  लोगों की मौत ने पूरे देश " दूषित पानी से १६ को हिला दिया है। नगरीय प्रशासन मंत्री केलाश  विजयवर्गीय खुद चार दिन से सुबह से देर रात  तक वहीं डटे हैं। भास्कर ने पूछा कि किसे  जिम्मेदार मानते हैं- वे बोले- सिस्टम में खामी  थी, उस पर कडी कारवाई की है। अपका विधानसभा क्षेत्र है, वहां  लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे थे, क्या कोई सुनने वाला ही नहीं है? काम पेंडिंग कैसे हो सकते है? मामले में गड़बड़ी इस मामले में जिन्हाने ढिलाई बरती उन पर  77 हुई है।  इस सख्ती से कार्रवाई की गई है। मैं हर समय  लोगों की शिकायत पर कार्रवाई होती  तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। जिन लोगों  लोगों के लिए उपलव्ध रहा हूं। इलाज के ने शिकायत की अनदेखी की है उन पर लिए भी सभी अस्पतालों को कह दिया था कि यदि और कहीं से इंतजाम नहीं होता है  मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।  इलाज का खर्च मैं दूंगा। इससे  अब पूरा सिस्टम बना रहे हैं॰ ताकि आइंदा  तो सवके  प्रदेश में कही भी ऐसी स्थिति न बने। पहले कोविड मेःभी जामनगर से आक्सीजन की व्यवस्था करने से लेकर लोगों की हर इतने लोगों की जान चली गई॰ क्या संभव मदद के लिए दिन-रात लगा रहा हू।  ये रोका नर्हीं जा सकता था? में दिल्ली में थाः जब मेरे पास सूचना  महापौर लगातार कह रहे हैं कि अफसर सुनते नहीं हैं ये कैसे संभव है? भागीरथपुरा " आई तत्काल इंदौर पहुंचा।  की हालत दयनीय थी। कमजोर आर्थिक स्थिति जो भी अफॅसर हैं॰ उन्हें जनप्रतिनिधियों की सुनना ही होगी। घटना को लेकर जो  के चलते लोग इलाज कराने अस्पताल तक नहीं जा रहे थे। सीएम से वात करने कारवाई हुई है, उससे भी स्पष्ट है कि॰ की कोशिश को॰ संपर्क नही हो पाया तो जनप्रतिनिधियों की अवहेलना करके कोई अफसरों से वात कर, सभी अस्पतालों मे भी इंदौर में पदस्थ नहीं रह सकता।  নিঃযুল্ধ इलाज का इंतजाम किया। सुबह इंदौर के अन्य इलाकों में भी पाइप  १ बजे से रात को 9 बजे तक वहीं रहकर  लाइन पुरानी हो चुकी है? एक॰एक घर पहुंच कर लोगों को सभी तरह  इसके लिए एक पूरी योजना लेकर आ रहे  की जरूरी मदद पहुंचाई। तीन रात ठीक से हे। इंदौर में जहां भी इस तरह की परेशानी है सोए तक नही। जैसे ही मामला सामने आया उसका त्वरित निराकरण किया जाएगा। त्वरित कारवाई की गई॰ अन्यथा मौत का 0ऐसे दौर में गलत शब्दों में बात क्यों? आंकड़ा और बढ़ने की आशंका से इंकार  उस दिन की स्थिति कुछ अलग थी। दो रात  नही किया जा सकता। से बिना सोए काम कर रहे थे। कार्यकर्ताओं प्रशासन ने हाई कोर्ट के सामने तो के साथ सिर्फ सेव परमल खाए थे। लोगो মিক্ বাসৌন মীকাকৌ২? की हर संभव मदद करने में लगे थे। इलाज  अभी जो रिपोर्ट आई है॰ उस आधार पर के लिए पूरी टीम थी। फिर भी ऐसा * सवाल उन्होने कोर्ट को अवगत कराया होगा। कछ త भास्कर - १६ मौतें. .. जिम्मेदार कौन? मंत्री - खामियों पर कार्रवाई की अमित मंडलोई | इंदौर  लोगों की मौत ने पूरे देश " दूषित पानी से १६ को हिला दिया है। नगरीय प्रशासन मंत्री केलाश  विजयवर्गीय खुद चार दिन से सुबह से देर रात  तक वहीं डटे हैं। भास्कर ने पूछा कि किसे  जिम्मेदार मानते हैं- वे बोले- सिस्टम में खामी  थी, उस पर कडी कारवाई की है। अपका विधानसभा क्षेत्र है, वहां  लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे थे, क्या कोई सुनने वाला ही नहीं है? काम पेंडिंग कैसे हो सकते है? मामले में गड़बड़ी इस मामले में जिन्हाने ढिलाई बरती उन पर  77 हुई है।  इस सख्ती से कार्रवाई की गई है। मैं हर समय  लोगों की शिकायत पर कार्रवाई होती  तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। जिन लोगों  लोगों के लिए उपलव्ध रहा हूं। इलाज के ने शिकायत की अनदेखी की है उन पर लिए भी सभी अस्पतालों को कह दिया था कि यदि और कहीं से इंतजाम नहीं होता है  मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।  इलाज का खर्च मैं दूंगा। इससे  अब पूरा सिस्टम बना रहे हैं॰ ताकि आइंदा  तो सवके  प्रदेश में कही भी ऐसी स्थिति न बने। पहले कोविड मेःभी जामनगर से आक्सीजन की व्यवस्था करने से लेकर लोगों की हर इतने लोगों की जान चली गई॰ क्या संभव मदद के लिए दिन-रात लगा रहा हू।  ये रोका नर्हीं जा सकता था? में दिल्ली में थाः जब मेरे पास सूचना  महापौर लगातार कह रहे हैं कि अफसर सुनते नहीं हैं ये कैसे संभव है? भागीरथपुरा " आई तत्काल इंदौर पहुंचा।  की हालत दयनीय थी। कमजोर आर्थिक स्थिति जो भी अफॅसर हैं॰ उन्हें जनप्रतिनिधियों की सुनना ही होगी। घटना को लेकर जो  के चलते लोग इलाज कराने अस्पताल तक नहीं जा रहे थे। सीएम से वात करने कारवाई हुई है, उससे भी स्पष्ट है कि॰ की कोशिश को॰ संपर्क नही हो पाया तो जनप्रतिनिधियों की अवहेलना करके कोई अफसरों से वात कर, सभी अस्पतालों मे भी इंदौर में पदस्थ नहीं रह सकता।  নিঃযুল্ধ इलाज का इंतजाम किया। सुबह इंदौर के अन्य इलाकों में भी पाइप  १ बजे से रात को 9 बजे तक वहीं रहकर  लाइन पुरानी हो चुकी है? एक॰एक घर पहुंच कर लोगों को सभी तरह  इसके लिए एक पूरी योजना लेकर आ रहे  की जरूरी मदद पहुंचाई। तीन रात ठीक से हे। इंदौर में जहां भी इस तरह की परेशानी है सोए तक नही। जैसे ही मामला सामने आया उसका त्वरित निराकरण किया जाएगा। त्वरित कारवाई की गई॰ अन्यथा मौत का 0ऐसे दौर में गलत शब्दों में बात क्यों? आंकड़ा और बढ़ने की आशंका से इंकार  उस दिन की स्थिति कुछ अलग थी। दो रात  नही किया जा सकता। से बिना सोए काम कर रहे थे। कार्यकर्ताओं प्रशासन ने हाई कोर्ट के सामने तो के साथ सिर्फ सेव परमल खाए थे। लोगो মিক্ বাসৌন মীকাকৌ২? की हर संभव मदद करने में लगे थे। इलाज  अभी जो रिपोर्ट आई है॰ उस आधार पर के लिए पूरी टीम थी। फिर भी ऐसा * सवाल उन्होने कोर्ट को अवगत कराया होगा। कछ త - ShareChat