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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Avyakt Murli 31-12-1992 बेफिक्र रहने के लिये बुद्धि को स्वच्छ बनाओ : सब प्रकार का फिक्र बाप को दे दिया। बेफिक्र बनने के कारण फिक्र हुआ और फ़ख़ुर यानी नशा आ गया! क्या होगा, कैसे होगा, खत्म होगा, परसों क्या होगा? यह फिक्र रहता है? जब हालतें कल क्या होती हैं तब होता है? फिक्र रखने से जो भी अच्छा कर सकते खराब हो वह भी नहीं कर सकेंगे। जिसको फिक्र हो जाता है उसकी बुद्धि निर्णय नहीं करती है। निर्णय ठीक न होने के कारण और ही यथार्थ मुश्किल बढ़ती जाती है। इसलिए सदैव बेफिक्र होंगे तो बुद्धि निर्णय  अच्छा करेगी। निर्णय अच्छा हुआ तो सफलता हुई पड़ी है। देखो, आज कोई लखपति होता है और कल कखपति எள 81 बन कारण क्या होता है? निर्णय शक्ति राइट काम नहीं करती है हाँ' के दिया, ना' के बजाए हाँ' कर दियाः तो खत्म। বরলাৎ 'া' कर निर्णय शक्ति यथार्थ काम तब करेगी जब बुद्धि खाली होगी। फिक्र से बुद्धि फ्री नहीं है तो और ही नुकसान होता है। इसलिए बेफिक्र अर्थात् सदा मन और बुद्धि फ्री हो। तो ऐसे फ्री हो या कोई किचड़ा है? योग अग्नि द्वारा जो भी किचड़ा था वह जल गया! अगर अग्नि तेज नहीं होगी तो कुछ जलेगा , कुछ रह जायेगा। योग-्अग्नि द्वारा जो भी बुद्धि में किचड़ा था वो खत्म हो गया! जिसकी बुद्धि इतनी स्वच्छ होगी वही सदा बेफिक्र रह सकता है। इसीलिए | सदा स्वच्छता सबको प्यारी है। कहाँ भी गन्दगी होगी तो उसे कौन पसन्द करेगा! तो किसी भी प्रकार की कमजोरी यह गन्दगी है। तो सदैव चेक करो कि स्वच्छता है? मिक्स तो नहीं है? जरानसा व्यर्थ संकल्प भी किचड़ा है। oleaonmeRayosa edta oncousesenc "Om Shanti" to this Whats App No. +91 7404907974 Avyakt Murli 31-12-1992 बेफिक्र रहने के लिये बुद्धि को स्वच्छ बनाओ : सब प्रकार का फिक्र बाप को दे दिया। बेफिक्र बनने के कारण फिक्र हुआ और फ़ख़ुर यानी नशा आ गया! क्या होगा, कैसे होगा, खत्म होगा, परसों क्या होगा? यह फिक्र रहता है? जब हालतें कल क्या होती हैं तब होता है? फिक्र रखने से जो भी अच्छा कर सकते खराब हो वह भी नहीं कर सकेंगे। जिसको फिक्र हो जाता है उसकी बुद्धि निर्णय नहीं करती है। निर्णय ठीक न होने के कारण और ही यथार्थ मुश्किल बढ़ती जाती है। इसलिए सदैव बेफिक्र होंगे तो बुद्धि निर्णय  अच्छा करेगी। निर्णय अच्छा हुआ तो सफलता हुई पड़ी है। देखो, आज कोई लखपति होता है और कल कखपति எள 81 बन कारण क्या होता है? निर्णय शक्ति राइट काम नहीं करती है हाँ' के दिया, ना' के बजाए हाँ' कर दियाः तो खत्म। বরলাৎ 'া' कर निर्णय शक्ति यथार्थ काम तब करेगी जब बुद्धि खाली होगी। फिक्र से बुद्धि फ्री नहीं है तो और ही नुकसान होता है। इसलिए बेफिक्र अर्थात् सदा मन और बुद्धि फ्री हो। तो ऐसे फ्री हो या कोई किचड़ा है? योग अग्नि द्वारा जो भी किचड़ा था वह जल गया! अगर अग्नि तेज नहीं होगी तो कुछ जलेगा , कुछ रह जायेगा। योग-्अग्नि द्वारा जो भी बुद्धि में किचड़ा था वो खत्म हो गया! जिसकी बुद्धि इतनी स्वच्छ होगी वही सदा बेफिक्र रह सकता है। इसीलिए | सदा स्वच्छता सबको प्यारी है। कहाँ भी गन्दगी होगी तो उसे कौन पसन्द करेगा! तो किसी भी प्रकार की कमजोरी यह गन्दगी है। तो सदैव चेक करो कि स्वच्छता है? मिक्स तो नहीं है? जरानसा व्यर्थ संकल्प भी किचड़ा है। oleaonmeRayosa edta oncousesenc "Om Shanti" to this Whats App No. +91 7404907974 - ShareChat