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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🌞 Good Morning🌞
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - किए *कर्मयोगी वह व्यक्ति होता है जो फल की इच्छा बिना, पूरी निष्ठा और समभाव (सुखनदुख, लाभन्हानि में समान रहते हुए) से अपने कर्तव्यों (कर्मो) का पालन करता है दिए *=4 गए उदाहरण द्वारा इसे समझे* गुरुकुल में गुरु जो अपने छात्रों को पढ़ाता है क्योंकि *१) पढ़ाना उसका धर्म है   न कि सिर्फ प्रशंसा या पदोन्नति के fg ~ वह कर्मयोगी की भावना में काम करता है।* स्कूल ) में शिक्षक अपने छात्रों को पढ़ाता *२) विद्यालय है क्योंकि पढ़ाना उसका कर्तव्य है =जिस से उसे वेतन अर्थात सैलरी मिलती है ~ वह उसका काम है यह कर्मयोग की श्रेणी में नहीं आता* गालाणाणा किए *कर्मयोगी वह व्यक्ति होता है जो फल की इच्छा बिना, पूरी निष्ठा और समभाव (सुखनदुख, लाभन्हानि में समान रहते हुए) से अपने कर्तव्यों (कर्मो) का पालन करता है दिए *=4 गए उदाहरण द्वारा इसे समझे* गुरुकुल में गुरु जो अपने छात्रों को पढ़ाता है क्योंकि *१) पढ़ाना उसका धर्म है   न कि सिर्फ प्रशंसा या पदोन्नति के fg ~ वह कर्मयोगी की भावना में काम करता है।* स्कूल ) में शिक्षक अपने छात्रों को पढ़ाता *२) विद्यालय है क्योंकि पढ़ाना उसका कर्तव्य है =जिस से उसे वेतन अर्थात सैलरी मिलती है ~ वह उसका काम है यह कर्मयोग की श्रेणी में नहीं आता* गालाणाणा - ShareChat