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#वायरल न्यूज #news
वायरल न्यूज - नेताजी सुभाप चंन योस ने कहा था इन्सानियत मनुष्य के इन्सानियत हासिल करने का एकमात्र जरिया है विकास में आड़े आने वाली हर रुकावट को चकनाचूर कर देना। जहां कहों भी जुल्म, अन्याय व दुराचार देखो॰ निर्भीकता के साथ सिर उठाकर उसका विरोध करो। उसके खात्मे क लिए जी-जान से जुट जाओ। " " जुल्म  होते देख कर भी जो व्यक्ति उसके खात्मे के लिए कोशिश  नहीं करता, वह सिर्फ अपनी इंसानियत का ही नहों बल्कि सताए गई आदमी को इंसानियत का भी अपमान करता है। को दूर करने को कोशिश में जो व्यक्ति क्षतिग्रस्त 3াায-সোমা होता है॰ संकट में पड़ता है॰ जेल जाता है अथवा अपमानित होता  त्याग और तिरस्कार के जरिए ही इंसानियत के ೯ वह   उस गौरवशाली आसन को प्राप्त करता है।" (नए को खोज में) " स्कूल  कॉलेज , घर- बाहर, राह- घाट, मैदानों में - जहां कहीों अनाचार   देखो बहादुरी के साथ সা अन्याय- अविचार যা নম্া अपने छोटे से जीवन में मैं अगर कुछ भी॰ आगे बढ कर रोको। पाया. ता उसका कारण लगता है॰ सिर्फ यहो ताकत हासिल कर है। "  (नए की खोज में) नेताजी सुभाप चंन योस ने कहा था इन्सानियत मनुष्य के इन्सानियत हासिल करने का एकमात्र जरिया है विकास में आड़े आने वाली हर रुकावट को चकनाचूर कर देना। जहां कहों भी जुल्म, अन्याय व दुराचार देखो॰ निर्भीकता के साथ सिर उठाकर उसका विरोध करो। उसके खात्मे क लिए जी-जान से जुट जाओ। " " जुल्म  होते देख कर भी जो व्यक्ति उसके खात्मे के लिए कोशिश  नहीं करता, वह सिर्फ अपनी इंसानियत का ही नहों बल्कि सताए गई आदमी को इंसानियत का भी अपमान करता है। को दूर करने को कोशिश में जो व्यक्ति क्षतिग्रस्त 3াায-সোমা होता है॰ संकट में पड़ता है॰ जेल जाता है अथवा अपमानित होता  त्याग और तिरस्कार के जरिए ही इंसानियत के ೯ वह   उस गौरवशाली आसन को प्राप्त करता है।" (नए को खोज में) " स्कूल  कॉलेज , घर- बाहर, राह- घाट, मैदानों में - जहां कहीों अनाचार   देखो बहादुरी के साथ সা अन्याय- अविचार যা নম্া अपने छोटे से जीवन में मैं अगर कुछ भी॰ आगे बढ कर रोको। पाया. ता उसका कारण लगता है॰ सिर्फ यहो ताकत हासिल कर है। "  (नए की खोज में) - ShareChat