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#💔मरीज-ए-इश्क❤ #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत #✨उर्दू शायरी
💔मरीज-ए-इश्क❤ - ना अश्कोको अश्क समझे ना दर्दकोकभी दर्दसमझे चो जो ख़ुद फरेब पसन्द थे,मेरे हर सचको फरेब समझे। ना अश्कोको अश्क समझे ना दर्दकोकभी दर्दसमझे चो जो ख़ुद फरेब पसन्द थे,मेरे हर सचको फरेब समझे। - ShareChat