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#❤️जीवन की सीख #🔖वुमेन हेल्थ टिप्स #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🌍 देश दुनिया की ताजा ख़बरें🤳
❤️जीवन की सीख - आज के # মীনাভল কমই কা बढ़ता आतंक' मोबाइल ने दुनिया को हमारी मुट्ठी में ला दिया है, लेकिन इसके साथ जुड़ा कैमरा और इंटरनैट कई बार गंभीर समस्याओं का कारण बन रहा है। आज मोबाइल कैमरे का दुरुपयोग समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है। डाटा चोरी, पेपर लीक और गोपनीय सूचनाओं का लीक होना इसके उदाहरण हैं। सेना की गुप्त जानकारियां या महत्वपूर्ण बैठकों की रिकॉर्डिंग राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है " मोबाइल कैमरा घर-घर तक पहुंच चुका है, जिससे निजता पर संकट खडा हो गया है। सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की बिना अनुमति वीडियो बनाना आम हो गया है। नदियों, पहाड़ों और रेलवे ट्रैक जैसी खतरनाक जगहों पर सैल्फी लेने का शौक कई बार जानलेवा की स्थिति में मदद करने के सावित होता है। अपराध वजाय लोग वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं॰ जो संवेदनहीनता को दर्शाता हं। आज व्यक्ति अपने ही घर में भी पूरी तरह सुरक्षित महसूस नर्हीं करता, क्योंकि निजी पलों की रिकॉर्डिंग का डर वना रहता है। मोबाइल कैमरे ने प्राइवेसी को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और छोटी-सी चूक भी किसी को वदनामी का शिकार बना सकती है। स्मार्टफोन सुविधा का साधन है, जिसमें कॉल ##=, =-#= Hfச और सोशल जैसी   सेवाएं ठपलञ्चहें । इसका उदेश्य समाज की भलाई था, लेकिन मानव प्रवृत्ति कई वार गलत दिशा में आकर्षित हो जाती है। आवश्यक है कि मोवाइल और उसके कैमरे का उपयोग सोच समझकर किया जाए। favu চদ ম महिलाओं को अपनी निजता के प्रति सतर्क रहना चाहिए और किसो अनजान व्यक्ति को बिना कारण फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। तकनीक से वचना संभव नर्ही है, लेकिन ठसका ন্রিনন্ধপরতা  3 7 समाज का सुरक्षित रख सकता हे। गोपाल शमां ' फिरोजपुरी आज के # মীনাভল কমই কা बढ़ता आतंक' मोबाइल ने दुनिया को हमारी मुट्ठी में ला दिया है, लेकिन इसके साथ जुड़ा कैमरा और इंटरनैट कई बार गंभीर समस्याओं का कारण बन रहा है। आज मोबाइल कैमरे का दुरुपयोग समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है। डाटा चोरी, पेपर लीक और गोपनीय सूचनाओं का लीक होना इसके उदाहरण हैं। सेना की गुप्त जानकारियां या महत्वपूर्ण बैठकों की रिकॉर्डिंग राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है " मोबाइल कैमरा घर-घर तक पहुंच चुका है, जिससे निजता पर संकट खडा हो गया है। सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की बिना अनुमति वीडियो बनाना आम हो गया है। नदियों, पहाड़ों और रेलवे ट्रैक जैसी खतरनाक जगहों पर सैल्फी लेने का शौक कई बार जानलेवा की स्थिति में मदद करने के सावित होता है। अपराध वजाय लोग वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं॰ जो संवेदनहीनता को दर्शाता हं। आज व्यक्ति अपने ही घर में भी पूरी तरह सुरक्षित महसूस नर्हीं करता, क्योंकि निजी पलों की रिकॉर्डिंग का डर वना रहता है। मोबाइल कैमरे ने प्राइवेसी को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और छोटी-सी चूक भी किसी को वदनामी का शिकार बना सकती है। स्मार्टफोन सुविधा का साधन है, जिसमें कॉल ##=, =-#= Hfச और सोशल जैसी   सेवाएं ठपलञ्चहें । इसका उदेश्य समाज की भलाई था, लेकिन मानव प्रवृत्ति कई वार गलत दिशा में आकर्षित हो जाती है। आवश्यक है कि मोवाइल और उसके कैमरे का उपयोग सोच समझकर किया जाए। favu চদ ম महिलाओं को अपनी निजता के प्रति सतर्क रहना चाहिए और किसो अनजान व्यक्ति को बिना कारण फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। तकनीक से वचना संभव नर्ही है, लेकिन ठसका ন্রিনন্ধপরতা  3 7 समाज का सुरक्षित रख सकता हे। गोपाल शमां ' फिरोजपुरी - ShareChat