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✍🏽 माझ्या लेखणीतून - मुझे जरूरत थी जब अपनों ने मुझे ठुकराया 4 खुदसे हार चुका था मैं एक खिलौने ने मुझे गले लगाया जाने मेरा नन्हा सा दिल क्या दुनिया की दावेदारी जहाँ रिश्तों के बाजारों में होती है बस सौदेबाजी वो रूह जो ढूंढती रही मासूमियत से माँ का आंचल বমী বঘা এনা ক্ি বুনিতা ন कर दिया है दिल को पथरीला अब रुई के उस जिस्म में मैंने अपनी जान पाई है जो बोल नहीं सकता कुछ भी उसी ने मेरी पीडा अपनाई है इंसानियत के दावों सेःतो ये बेजान पुतला ही भला जिसने न कोई शर्त रखी न देकर ज़ख्म, मुँह फेर चला अब ये खिलौना ही मेरा घर हे यही मेरी पहचान है दुनिया के लिए ये बस रुई हे पर मेरे लिए मेरा जहान हे। Youn uote ir Amulya spuem मुझे जरूरत थी जब अपनों ने मुझे ठुकराया 4 खुदसे हार चुका था मैं एक खिलौने ने मुझे गले लगाया जाने मेरा नन्हा सा दिल क्या दुनिया की दावेदारी जहाँ रिश्तों के बाजारों में होती है बस सौदेबाजी वो रूह जो ढूंढती रही मासूमियत से माँ का आंचल বমী বঘা এনা ক্ি বুনিতা ন कर दिया है दिल को पथरीला अब रुई के उस जिस्म में मैंने अपनी जान पाई है जो बोल नहीं सकता कुछ भी उसी ने मेरी पीडा अपनाई है इंसानियत के दावों सेःतो ये बेजान पुतला ही भला जिसने न कोई शर्त रखी न देकर ज़ख्म, मुँह फेर चला अब ये खिलौना ही मेरा घर हे यही मेरी पहचान है दुनिया के लिए ये बस रुई हे पर मेरे लिए मेरा जहान हे। Youn uote ir Amulya spuem - ShareChat