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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - आज युवा वर्ग में विचारों की कमी नहीं है। लेकिन इस लिए க 94 विचार जगत में क्रांति के को आदर्श विद्युत की भांति हमारी सामने रखना ही होगा , जो और कार्ययोजना को मूर्तरूप दे सकें। शक्ति, आदर्श नेताजी ने युवाओं में स्वाधीनता का अर्थ केवल राष्ट्रीय बंधन से नहीं, बल्कि आर्थिक समानता, जाति, মু্নি भेद, सामाजिक अविचार का निराकरण, सांप्रदायिक संकीर्णता त्यागने का विचार मंत्र भी दिया। नेताजी के विचार विश्वव्यापी थे। वे समग्र मानव g समाज को उदार बनाने के प्रत्येक जाति को विकसित बनाना थे। उनका स्पष्ट मानना था कि चाहते विश्व जो जाति उन्नति करना नहीं चाहती, रंगमंच पर विशिष्टता पाना नहीं चाहती , उसे जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं| नेताजी की आशा के अनुरूप इस g जरा जीर्ण होते देश का यौवन लौटाने के प्रत्येक व्यक्ति को आज दृढ़ संकल्प लेना होगा। आज युवा वर्ग में विचारों की कमी नहीं है। लेकिन इस लिए க 94 विचार जगत में क्रांति के को आदर्श विद्युत की भांति हमारी सामने रखना ही होगा , जो और कार्ययोजना को मूर्तरूप दे सकें। शक्ति, आदर्श नेताजी ने युवाओं में स्वाधीनता का अर्थ केवल राष्ट्रीय बंधन से नहीं, बल्कि आर्थिक समानता, जाति, মু্নি भेद, सामाजिक अविचार का निराकरण, सांप्रदायिक संकीर्णता त्यागने का विचार मंत्र भी दिया। नेताजी के विचार विश्वव्यापी थे। वे समग्र मानव g समाज को उदार बनाने के प्रत्येक जाति को विकसित बनाना थे। उनका स्पष्ट मानना था कि चाहते विश्व जो जाति उन्नति करना नहीं चाहती, रंगमंच पर विशिष्टता पाना नहीं चाहती , उसे जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं| नेताजी की आशा के अनुरूप इस g जरा जीर्ण होते देश का यौवन लौटाने के प्रत्येक व्यक्ति को आज दृढ़ संकल्प लेना होगा। - ShareChat