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#🙏विष्णु लक्ष्मी🌸 #🔱महाकाल के दीवाने #🔱हर हर महादेव🔱 #🙏ईश्वर एक रूप अनेक
🙏विष्णु लक्ष्मी🌸 - प्रेम में अहंकार कैसा पार्वती सौ बार रूठी थी तो महादेव ने हजार बार मनाया था, लिए जो संसार को बचाने के विष पी सकते हैं, लिए वो अपने रिश्ते को बचाने के अहकार का भी कर सकते हैं,प्रेम वही है त्याग जहाँ मैं खत्म हो, और हम शुरू हो, रूठना अधिकार है, और मनाना जिम्मेदारी , जहाँ अहंकार आ जाता है, वहां प्रेम As 8a- प्रेम में अहंकार कैसा पार्वती सौ बार रूठी थी तो महादेव ने हजार बार मनाया था, लिए जो संसार को बचाने के विष पी सकते हैं, लिए वो अपने रिश्ते को बचाने के अहकार का भी कर सकते हैं,प्रेम वही है त्याग जहाँ मैं खत्म हो, और हम शुरू हो, रूठना अधिकार है, और मनाना जिम्मेदारी , जहाँ अहंकार आ जाता है, वहां प्रेम As 8a- - ShareChat