
हनुमान चालीसा – पुरी माहिती (संपूर्ण पाठ) दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस #हिंदू #आशीर्वाद #भारतीय #भारत #समर्थ #हनुमान #हनुमानचालीसा | Uddhav Shinde

