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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - मेरा सहारा, मेरा रखवाला और मेरा  तू ही अल्लाह! राज़दार है। तू मेरे दिल की हर जब कोई मेरी बात नहीं समझता , धड़कन जानता है। मेरी तन्हाई को अपनी रहमत से रोशन कर दे, मेरी उलझनों को आसान कर दे, मेरे आँसुओं को दुआ में बदल दे। मेरे दिल से डर और उदासी निकाल दे, যা ২৭! मुझे सब्र , हिम्मत और यक़ीन अता कर। मुझे अपने ज़िक्र में सुकून दे और अपनी मोहब्बत में {೦೦ 6 41 रखिए, जब इंसान खुद को सबसे अकेला समझता  IG 8, उसी वक्त अल्लाह सबसे ज़्यादा करीब होता है। आप कभी भी अकेले नहीं हैं. मेरा सहारा, मेरा रखवाला और मेरा  तू ही अल्लाह! राज़दार है। तू मेरे दिल की हर जब कोई मेरी बात नहीं समझता , धड़कन जानता है। मेरी तन्हाई को अपनी रहमत से रोशन कर दे, मेरी उलझनों को आसान कर दे, मेरे आँसुओं को दुआ में बदल दे। मेरे दिल से डर और उदासी निकाल दे, যা ২৭! मुझे सब्र , हिम्मत और यक़ीन अता कर। मुझे अपने ज़िक्र में सुकून दे और अपनी मोहब्बत में {೦೦ 6 41 रखिए, जब इंसान खुद को सबसे अकेला समझता  IG 8, उसी वक्त अल्लाह सबसे ज़्यादा करीब होता है। आप कभी भी अकेले नहीं हैं. - ShareChat