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#पंडित जी की पाठशाला
पंडित जी की पाठशाला - 4  जिस दिन औलाद माता पिता को जवाब देने लगे समझ लेना संस्कार हार गए और अहंकार जीत गया ,उस दिन से घर घर नहीं रहता सिर्फ एक जगह बन जाता है जहां लोग रहते हैं पर रिश्ते नहीं JMishra 4  जिस दिन औलाद माता पिता को जवाब देने लगे समझ लेना संस्कार हार गए और अहंकार जीत गया ,उस दिन से घर घर नहीं रहता सिर्फ एक जगह बन जाता है जहां लोग रहते हैं पर रिश्ते नहीं JMishra - ShareChat