ShareChat
click to see wallet page
search
#GodMorningMonday #सत_भक्ति_संदेश योग, यज्ञ, तप, दान करावै, गुरू विमुख फल कभी नहीं पावै यदि दीक्षा लेकर गुरु को छोड़कर उनही मंत्रों का जाप करता रहे तथा यज्ञ,हवन,दान भी करता रहे, वह भी व्यर्थ है उसको कोई लाभ नही होगा परमात्मा पिता रामपाल जी महाराज है स्वयं पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर #jagatguru santrampal ji mahraj
jagatguru santrampal ji mahraj - योग, यज्ञ, तप, दान करावै, गुरू विमुख फल कभी नहीं पावै। | यदि दीक्षा लेकर गुरू को छोड़कर उन्हीं मन्त्रों का जाप करता रहे तथा यज्ञ , हवन , दान भी करता रहे, वह भी व्यर्थ है। उसको कोई लाभ नहीं होगा | जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SATLOK ASHRAM BETUL 0010 SUPREMEGOD.ORG 191 8222880541 योग, यज्ञ, तप, दान करावै, गुरू विमुख फल कभी नहीं पावै। | यदि दीक्षा लेकर गुरू को छोड़कर उन्हीं मन्त्रों का जाप करता रहे तथा यज्ञ , हवन , दान भी करता रहे, वह भी व्यर्थ है। उसको कोई लाभ नहीं होगा | जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SATLOK ASHRAM BETUL 0010 SUPREMEGOD.ORG 191 8222880541 - ShareChat