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#बोल अंतरीचे #कडवी बाते #ए जिंदगी ❤️❤️ #Soft❤️ ##🌅 सकाळ तुमची शुभेच्छा आमची
बोल अंतरीचे - ' अंदर का उत्साह खत्म हो जाए तो ज़िन्दगी ऐसे लगती हे जेसे बिना धड़कन का सीना सब कुछ है, पर जीने ೆI ' कुछ भी नहीं. बाहर की रोशनी आँखों में चुभती हे॰ हैँसी तानों जेसी लगती है॰ और भीड़ के बीच खड़े होकर भी इंसान अपनी ही परछाई से डरने लगता हे त्योहार सजाचट शोरये सब तब तक ही मायने रखते हैं जब तक दिल में चाहत हो.. उम्मीद हो लेकिन जब दिल ही थककर बैठ जाए, तो कोई भी उत्सव चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो॰ बस यूँ लगता हे जेसे दुनिया मेरे लिए एक रंगमंच सजा रही हो और मैं उस नाटक का गुमशुदा किरदार हूँ॰. जब अंदर का दिया बुझ जाए॰ तो बाहर की रोशनी भी अंधेरे अपनी ही कहानी से जैसी लगती है और इंसान गायब हो जाता हः ಅಅ ' अंदर का उत्साह खत्म हो जाए तो ज़िन्दगी ऐसे लगती हे जेसे बिना धड़कन का सीना सब कुछ है, पर जीने ೆI ' कुछ भी नहीं. बाहर की रोशनी आँखों में चुभती हे॰ हैँसी तानों जेसी लगती है॰ और भीड़ के बीच खड़े होकर भी इंसान अपनी ही परछाई से डरने लगता हे त्योहार सजाचट शोरये सब तब तक ही मायने रखते हैं जब तक दिल में चाहत हो.. उम्मीद हो लेकिन जब दिल ही थककर बैठ जाए, तो कोई भी उत्सव चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो॰ बस यूँ लगता हे जेसे दुनिया मेरे लिए एक रंगमंच सजा रही हो और मैं उस नाटक का गुमशुदा किरदार हूँ॰. जब अंदर का दिया बुझ जाए॰ तो बाहर की रोशनी भी अंधेरे अपनी ही कहानी से जैसी लगती है और इंसान गायब हो जाता हः ಅಅ - ShareChat