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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - आज़माइश और इंसान जब इंसान आज़माइश में पड़ता है तो सबसे पहले यही सोचता है कि यह क्यों हुआ। जबकि हर आज़माइश नुकसान के लिए नहीं होती। कुछ आज़माइशें रोकने आती हैं, और कुछ आगे बढ़ाने। अल्लाह आज़माइश देकर दर्जा नहीं गिराताः > 2.7ृ बल्कि असलियत सामने लाता है। সী সন্প ম তঙ্কং সানা ঔ 24 वही बाद में मज़बूत बनता है। आज़माइश और इंसान जब इंसान आज़माइश में पड़ता है तो सबसे पहले यही सोचता है कि यह क्यों हुआ। जबकि हर आज़माइश नुकसान के लिए नहीं होती। कुछ आज़माइशें रोकने आती हैं, और कुछ आगे बढ़ाने। अल्लाह आज़माइश देकर दर्जा नहीं गिराताः > 2.7ृ बल्कि असलियत सामने लाता है। সী সন্প ম তঙ্কং সানা ঔ 24 वही बाद में मज़बूत बनता है। - ShareChat