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#🙏गणेश आरती😇 #🗣कबीर अमृतवाणी📢 #❤️जीवन की सीख #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गणेश आरती😇 - चिंता जिसे कल की थी मर गया वो आज. जिँदगी गुजार दी कल के इंतजाम में , ؟٢ और जब कल आया तो खुद बीता हुआ कल बन गया, লিৎ; इकट्ठा किया जिसने उम्र भर के लिए, वो भी गया खाली हाथ पल भर के बड़ी से सजाया था मकान जिसने, मुद्दतों रहने की बारी आई तो शमशान चला गया, हमारा सुकून गिरवी है उस भविष्य जो कभी आता ही नहीं है,, چ पास, चिंता जिसे कल की थी मर गया वो आज. जिँदगी गुजार दी कल के इंतजाम में , ؟٢ और जब कल आया तो खुद बीता हुआ कल बन गया, লিৎ; इकट्ठा किया जिसने उम्र भर के लिए, वो भी गया खाली हाथ पल भर के बड़ी से सजाया था मकान जिसने, मुद्दतों रहने की बारी आई तो शमशान चला गया, हमारा सुकून गिरवी है उस भविष्य जो कभी आता ही नहीं है,, چ पास, - ShareChat