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#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - शाबान में कसरत से रेज़ा हज़रत आयशा (रज़ि॰) ने कहा कि रसूलुल्लाह शाबान के महीने से ज़्यादा किसी और महीने में रोज़े नहीं रखते थे, बल्कि शाबान के पूरे महीने में रोज़ा रखते थे। आप ( सहीह बुख़ारी , हदीस नं : १९७०) शाबान में कसरत से रेज़ा हज़रत आयशा (रज़ि॰) ने कहा कि रसूलुल्लाह शाबान के महीने से ज़्यादा किसी और महीने में रोज़े नहीं रखते थे, बल्कि शाबान के पूरे महीने में रोज़ा रखते थे। आप ( सहीह बुख़ारी , हदीस नं : १९७०) - ShareChat