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#👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑 #📝حضرت ابوبکرؓ کے اقوال✴️ #☪️حضرت عمر ؓ کے اقوال📝 #⚔️ خلافت عثمانیہ #🕌بیت المقدس☪️
👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑 - मद्रसा ए उम्मते मुस्तफा ३५ह राजकोट -पोस्ट- ४१७ शबे बरात और बख़्शिश हज़रत अबू हुरैरा रदियल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसूलुल्लाह f५६ ने इर्शाद फ़रमायाः मेरे पास हज़रत जिब्राइल अलैहिस्सलाम शाबान की पंद्रहवीं रात को तशरीफ़ फ़रमाया कि ऐ साहिबे मदहे कषीर! अपना लाए और ತ5ಾ' सरे अनवर आस्मान की तरफ़ उठाइए मैंने पूछा! ये कोनसी  रात है? तो जिब्राइल अलैहिस्सलाम ने अर्ज़ किया या रसूलल्लाह ब७६ ये वो रात है जिसमें अल्लाह तआला रहमत के तिनसो दरवाज़ें खोल देता है और काफिरों , के मुशरीको  अलावा सबको बख़्श देता है, मगर ये के वो जादुगर हो,या कामिनी, या शराब का आदी, या सुद का आदी, या ज़ना का आदी हो के उन मुजरिमों की अपने अपने गुनाहों से तौबा  करने से पहले उसकी बख़्शिश नहीं होती. (हवाला गुनियतुक़्तालिबीन)  सैय्यिदुना " हज़रत मुसा अशअरी रदीयल्लाहो तआला के हुज़ूर अन्हो से मरवी है ब७l& ने इर्शाद फ़रमाया : க5படடப்டபயடடடட்ர்படம் 3! $ هُنِحاَسُمْوَا بِرُشُمِل اّلِإ Mohammed Salman ৬: "यानी बेशक अल्लाह तआला शाबान की पंद्रहवीं रात में रहमत की तजल्ली फरमाता है, बेशक तमाम मख़्लुक की बख़्शिश फरमाता है,सिवाए मुशरीक और किना परवर ( दिल में दुश्मनी रखने वाले ) के. ( ےیباصمکا ۃوکشم ) इस चेनल को फोलो करें और शेर करें --सैयद सिकंदर बापू मद्रसा ए उम्मते मुस्तफा ३५ह राजकोट -पोस्ट- ४१७ शबे बरात और बख़्शिश हज़रत अबू हुरैरा रदियल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसूलुल्लाह f५६ ने इर्शाद फ़रमायाः मेरे पास हज़रत जिब्राइल अलैहिस्सलाम शाबान की पंद्रहवीं रात को तशरीफ़ फ़रमाया कि ऐ साहिबे मदहे कषीर! अपना लाए और ತ5ಾ' सरे अनवर आस्मान की तरफ़ उठाइए मैंने पूछा! ये कोनसी  रात है? तो जिब्राइल अलैहिस्सलाम ने अर्ज़ किया या रसूलल्लाह ब७६ ये वो रात है जिसमें अल्लाह तआला रहमत के तिनसो दरवाज़ें खोल देता है और काफिरों , के मुशरीको  अलावा सबको बख़्श देता है, मगर ये के वो जादुगर हो,या कामिनी, या शराब का आदी, या सुद का आदी, या ज़ना का आदी हो के उन मुजरिमों की अपने अपने गुनाहों से तौबा  करने से पहले उसकी बख़्शिश नहीं होती. (हवाला गुनियतुक़्तालिबीन)  सैय्यिदुना " हज़रत मुसा अशअरी रदीयल्लाहो तआला के हुज़ूर अन्हो से मरवी है ब७l& ने इर्शाद फ़रमाया : க5படடப்டபயடடடட்ர்படம் 3! $ هُنِحاَسُمْوَا بِرُشُمِل اّلِإ Mohammed Salman ৬: "यानी बेशक अल्लाह तआला शाबान की पंद्रहवीं रात में रहमत की तजल्ली फरमाता है, बेशक तमाम मख़्लुक की बख़्शिश फरमाता है,सिवाए मुशरीक और किना परवर ( दिल में दुश्मनी रखने वाले ) के. ( ےیباصمکا ۃوکشم ) इस चेनल को फोलो करें और शेर करें --सैयद सिकंदर बापू - ShareChat