ShareChat
click to see wallet page
search
#poems #📝 name is poems 😘 #कविताएँ हिन्दी only #सून्दर कविताएँ 🤪😃🌹🙏
poems - कल एक झलक ज़़िंदगी को देखा, वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी, फिर ढूँढा उसे इधर उधर = वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी, एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार, वो सहला के मुझे सुला रही थी Raaaikd.g544<84 414| लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख्त तूने वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी।  कल एक झलक ज़़िंदगी को देखा, वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी, फिर ढूँढा उसे इधर उधर = वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी, एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार, वो सहला के मुझे सुला रही थी Raaaikd.g544<84 414| लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख्त तूने वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी। - ShareChat