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#❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔
❤️जीवन की सीख - विचार राजा ने ऐलान किया की जो भी व्यक्ति भैंस को कंधे पर उठाकर दरबार में लाएगा उसको एक लाख सोने के सिक्के दिए जाएंगे। बहुत से लोगों ने कोशिश की पर कोई भी यह काम कोई नहीं कर सका। क्योंकि ये संभव ही नहीं था। अंत में एक व्यक्ति आया और बोला, "महाराज मुझे आप 2 साल का वक्त दो तो मैं राजा ने कहा ठीक यह काम कर सकता हूं। है!" २ साल बाद वह व्यक्ति भैंस को कंधे पेर उठाकर दरबार में चला आया। तब राजा यह कैसे किया? तब उस व्यक्ति 377 पूछा बताया की 2 साल पहले उसने भैंस के छोटे से बच्चे को कंधे पर उठाकर चलना शुरू किया था। धीरे-धीरे वह बच्चा बड़ा होता गया और मेरी ताकत गई। और मै फौलादी बढ़ती शरीर का हो गया। कहानी का मोरलः-आज के समय में सरकारी नौकरी लगना और धंधे में कामयाब होना, भैंस को कंधे पर उठा कर चलना है। वक्त देना होगा। जबरदस्त मेहनत करनी होगी। सब कुछ भूल कर एक जगह फोकस करना होगा। विचार राजा ने ऐलान किया की जो भी व्यक्ति भैंस को कंधे पर उठाकर दरबार में लाएगा उसको एक लाख सोने के सिक्के दिए जाएंगे। बहुत से लोगों ने कोशिश की पर कोई भी यह काम कोई नहीं कर सका। क्योंकि ये संभव ही नहीं था। अंत में एक व्यक्ति आया और बोला, "महाराज मुझे आप 2 साल का वक्त दो तो मैं राजा ने कहा ठीक यह काम कर सकता हूं। है!" २ साल बाद वह व्यक्ति भैंस को कंधे पेर उठाकर दरबार में चला आया। तब राजा यह कैसे किया? तब उस व्यक्ति 377 पूछा बताया की 2 साल पहले उसने भैंस के छोटे से बच्चे को कंधे पर उठाकर चलना शुरू किया था। धीरे-धीरे वह बच्चा बड़ा होता गया और मेरी ताकत गई। और मै फौलादी बढ़ती शरीर का हो गया। कहानी का मोरलः-आज के समय में सरकारी नौकरी लगना और धंधे में कामयाब होना, भैंस को कंधे पर उठा कर चलना है। वक्त देना होगा। जबरदस्त मेहनत करनी होगी। सब कुछ भूल कर एक जगह फोकस करना होगा। - ShareChat