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#✒ शायरी #✍ कविता 📓 #💌शायरी के डायरी📚 #💌शब्द से शायरी-मोहब्बत #⏳शब्द से शायरी: वक़्त
✒ शायरी - ओशो कहते है बिस्तर तक आई औरत तुम्हारी जीत का प्रमाण नहीं , बल्कि उसके विश्वास की पराकाष्ठा है। उसने सामने अपने शरीर से पहले तुम्हारे अपना भरोसा उतारा, क्योंकि उसे लगा कि उसकी आत्मा तुम्हारी निगाहों में सुरक्षित है। जब कोई L औरत तुम्हारे साथ तन नहीं , मन से उतरती है तो समझो , वह 3' 2० प्रेम पर नहीं, अस्तित्व पर 5R 0 विश्वास कर बैठी है। और यही 168 विश्वास, सबसे पवित्र और सबसे नाजुक होता है..! ओशो कहते है बिस्तर तक आई औरत तुम्हारी जीत का प्रमाण नहीं , बल्कि उसके विश्वास की पराकाष्ठा है। उसने सामने अपने शरीर से पहले तुम्हारे अपना भरोसा उतारा, क्योंकि उसे लगा कि उसकी आत्मा तुम्हारी निगाहों में सुरक्षित है। जब कोई L औरत तुम्हारे साथ तन नहीं , मन से उतरती है तो समझो , वह 3' 2० प्रेम पर नहीं, अस्तित्व पर 5R 0 विश्वास कर बैठी है। और यही 168 विश्वास, सबसे पवित्र और सबसे नाजुक होता है..! - ShareChat