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मिठाई की दुकान चलाने वाले पिता की बेटी बनी असिस्टेंट प्रोफेसर: संघर्षों को मात देकर सरोज यादव ने रचा इतिहास! गोरखपुर के खजनी क्षेत्र के नैपुरा गांव की सरोज यादव ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। सरोज का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। एक नजर सरोज के सफर पर: शिक्षा: डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय से एनवायरमेंटल साइंस में परास्नातक। संघर्ष: दिल्ली जाकर JRF और NET की कठिन तैयारी। सफलता का मंत्र: कड़ी मेहनत, सटीक प्लानिंग और निरंतर अभ्यास। पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा सरोज के पिता, श्री राम मदन, नन्दापार चौराहे पर एक छोटी सी मिठाई की दुकान चलाते हैं। घर की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन सरोज ने हार मानने के बजाय अपने पिता के पसीने और मेहनत को अपनी ताकत बनाया। मां सरस्वती देवी (गृहिणी) के आशीर्वाद और पिता के संघर्ष ने उन्हें हर कदम पर मोटिवेट किया। "सफलता केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि सही दिशा में की गई कड़ी मेहनत से मिलती है।" आज सरोज की सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो छोटे गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। सरोज की इस शानदार उपलब्धि पर उनके परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। 💐👏 सरोज यादव को उनकी इस स्वर्णिम सफलता के लिए ढेरों बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं! GorakhpurNews #news #वायरल न्यूज #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 #👍 डर के आगे जीत👌 #👉 लोगों के लिए सीख👈
news - पिता चलाते हैं मिठाई की दुकान, बेटी सरोज यादव बनी असिस्टेंट प्रोफेसर! FOGUS पिता चलाते हैं मिठाई की दुकान, बेटी सरोज यादव बनी असिस्टेंट प्रोफेसर! FOGUS - ShareChat