"तेरी यादों का मौसम"
तुझे क्या खबर मेरी तन्हाइयों का,
तेरे बाद कितना सिला चुप रह गया।
हर एक मोड़ पे बस तेरा नाम आया,
हर इक रास्ता मुझसे ख़फा रह गया।
न तुझसे गिला है, न शिकवा कोई,
मगर दिल मेरा क्यों वफ़ा रह गया।
मैं रोता रहा चाँदनी रात में,
तेरी याद का सिलसिला रह गया।
मुझे लोग अब पागल कहने लगे हैं,
तेरे बाद जो बस हवा रह गया।
भुला दूँ तुझे, ये हुनर तो नहीं,
कोई अपनी बर्बादी भला रह गया? #💔पुराना प्यार 💔

