#सत_भक्ति_सन्देश अल्लाह का दीदार
तुम चुन चुन कागा खा लियो मेरे हाड़ों पर का मासा। मेरे दो नैना मत छेड़ियो मोहे राम मिलन की आशा ।।
शेख फरीद के शरीर पर कहीं मांस नहीं बचा था। कौओ उसको मृत जानकर माथे पर बैठ गए। तभी शेख फरीद कहने लगा, भाई कौओं मेरी आँख न खाओ। हो सकता है मुझे अल्लाह के दर्शन हो जाएँ। कौओ उड़ गए कि ये तो जिन्दा है।
फिर कबीर भगवान, अल्लाहु अकबर, सतलोक से आये और शेख फरीद को सच्चे नाम का जाप दिया।
आखरी नबी संत रामपाल जी महाराज


